अंकों की शर्त न लगाए सरकार

चंबा। संस्कृत शिक्षक परिषद की जिला स्तरीय बैठक करियां में आयोजित की गई। इसकी अध्यक्षता अमर सिंह ने की। परिषद ने सरकार पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए रोष प्रकट किया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने वर्ष 2009 से पहले स्नातक के लिए अंकों की शर्त को हटा दिया है, लेकिन शास्त्री अध्यापकों पर यह शर्त लागू नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार ने शास्त्री अध्यापकों का शोषण ही किया है। शास्त्री की नियुक्ति के लिए जो योग्यता निर्धारित की गई है, उसे अध्यापक पूरा करते हैं, लेकिन सरकार व विभाग की ओर से उनकी अनदेखी की जा रही है। उन्होंने कहा कि सभी विभागों के कर्मचारियों को पदोन्नति मिलती है, लेकिन उनकी प्रमोशन कभी नहीं होती। 2006 के पे स्केल में 32 वर्ष वाले अध्यापकों को भी 4400 का ग्रेड पे दिया गया है। संस्कृत अध्यापकों को भाषा अध्यापकों का पदनाम भी नहीं मिला है। उन्हाेंने कहा कि सरकार ने आरएंडपी रूल बनाने में कई साल लगा दिए, लेकिन शास्त्री अध्यापकों की पदोन्नति का रास्ता साफ नहीं हो पाया है। उन्होंने सरकार से अन्य वर्ग के अध्यापकों की तरह उन्हें भी राहत प्रदान करने की मांग की है। इस दौरान परिषद के महासचिव हेम सिंह शास्त्री, उप प्रधान राम प्रकाश, वित्त सचिव अरविंद डोगरा, कै लाश चंद, मनोज कुमार, पवन कुमार, जगदीश व सुदर्शन मौजूद रहे।

Related posts